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*ईर्ष्या,क्रोध और अपमान*

आज की प्रेरक कहानी✍🏻🙏🏻 *💐💐ईर्ष्या,क्रोध और अपमान* टोकियो के निकट एक महान  मास्टर रहते थे , वो अब वृद्ध हो चुके थे और अपने आश्रम में शिक्षा देते थे । एक नौजवान योद्धा , जिसने कभी कोई युद्ध नहीं हारा था ने सोचा की अगर मैं मास्टर को लड़ने के लिए उकसा कर उन्हें लड़ाई में हरा दूँ तो मेरी ख्याति और भी फ़ैल जायेगी और इसी विचार के साथ वो एक दिन आश्रम पहुंचा । “ कहाँ है वो मास्टर , हिम्मत है तो सामने आये और मेरा सामना करे .”; योद्धा की क्रोध भरी आवाज़ पूरे आश्रम में गूंजने लगी । देखते -देखते सभी शिष्य वहां इकठ्ठा हो गए और अंत में मास्टर भी वहीँ पहुँच गए । उन्हें देखते ही योद्धा उन्हें अपमानित करने लगा , उसने जितना हो सके उतनी गालियाँ और अपशब्द मास्टर को कहे . पर मास्टर फिर भी चुप रहे और शांती से वहां खड़े रहे । बहुत देर तक अपमानित करने के बाद भी जब मास्टर कुछ नहीं बोले तो योद्धा कुछ घबराने लगा , उसने सोचा ही नहीं था की इतना सब कुछ सुनने के बाद भी मास्टर उसे कुछ नहीं कहेंगे …उसने अपशब्द कहना जारी रखा , और मास्टर के पूर्वजों तक को भला-बुरा कहने लगा …पर मास्टर तो मानो बहरे हो चुके थे , वो...

*" _काला नमक Black Salt_ "*

*" _काला नमक Black Salt_ "* कैसे बनता है ? भारतीय व्यंजन को अत्यन्त लाभकारी एवं पोषक बनानें में इसका उपयोग क्यों ..?? *काला नमक और स्वास्थ्य :-* काला नमक कई आयुर्वेदिक और चिकित्सीय गुणों से समृद्ध होता है, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी ही नहीं वरन् आवश्यक है। इसमें आयरन की अच्छी मात्रा होनें से , सीने में जलन, सूजन और पेट फूलने की समस्या से छुटकारा तो मिलता ही है। यह उच्च रक्तचाप के रोगियों के लिए भी बहुत गुणी फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि इसमें सोडियम की कम मात्रा होती है। जिससे रक्तचाप बढ़ने का जोखिम कम हो सकता है। इसके अलावा, काला नमक युक्त आहार के नियमित रूप से सेवन करने पर आंखों की रोशनी में सुधार, पाचन में मदद और आंत को स्वस्थ रखा जा सकता है। इस लिए, ब्लैक साल्ट को सेहत के लिए अच्छा माना जा सकता है। 🌸〰〰🌸〰〰🌸〰〰🌸〰〰🌸 ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः। सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु। मा कश्चित् दुःख भाग्भवेत्॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥ 🌸〰〰🌸〰〰🌸〰〰🌸〰〰🌸
आज का  समय जहाँ  हम अपने  आस पास की जगह को स्वच्छ करने के प्रयास करते है , आज हमारे नेता गण अपना और अपनों का पेट भरने के प्रयास में जनता को दी जाने वाली सुविधा को खाते रहते है देस में गरीबी बढ़ाने और भीख बाटने का प्रयास हमारी conress सरकार ने किया २ रू किलो अनाज और bpl नाम की गलत निति देश में लेकर आये ईसा बी हो सकता था की उसकी जगह शिक्षा फ्री कर देते और आराक्षण को देश में लेकर ही नहीं आते एक निति रखते 30% वाले और 90% वाले बराबर रहते फिर सिर्फ पढ़े लिखे ही देश पर राज कर रहे होते,      आज भी अगर सरकार ये कर दे की चाहे कोई नौकरी हो या चुनाव सब की परीक्षा देकर 80% अंक प्राप्त करने के पश्चात ही चुनाव में या नौकरी में भाग ले सकते है  फिर देकना कैसे देस का विकास होता है नई युवा पीढ़ी देश को आगे बढ़ाने वाली है ना की खाने वाली इस बार सभी 21 वर्ष के युवा को मौका दे  देश का भाग्य कैसे नहीं बदलता है 80% नेता देखने को मिलेंगे (इंजीनियर, डॉक्टर ,किसान ,वैज्ञानिक ,वकील ,पूर्व सैनिक ,व्यापारी,पूर्व सवादाता इत्यादि )